जिस समय ब्रिटेन की प्रधानमंत्री हथियार निर्यात को बढ़ावा देंने की नीति पर काम कर रही है ब्रिटेन की ६२% जनता ब्रिटेन के सबसे बड़े हथियार के खरीदार को हथियार बेचने की पक्षधर नहीं है। हथियार व्यापार से मुक़ाबला नामक कैम्पैन द्वारा कराये गए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि ब्रिटेन की जनता मानवाधिकारों का हनन करने वाली सरकारों के साथ व्यापर की पक्षधर नहीं है।
इस सर्वेक्षण में ७०% लोगों ने रूस को हथियार देने की मुख़ालेफ़त की वहीँ ६३% लोगों ने चीन को हथियार देने का विरोध किया मात्र २६% लोगों ने हथियार व्यापर को बढ़ाने के पक्ष में मत दिया।
यह सर्वेक्षण मंगलवार को विदेशी देशों के साथ हथियार व्यापार को लेकर ब्रिटेन हाईकोर्ट के फैसला आने से कुछ दिन पहले प्रकाशित हुआ है। संभावना है कि न्यायलाय के फैसले के बाद सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री पर रोक लग सके। यह कैम्पैन चला रहे लोगों ने ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय व्यापर मंत्रालय से अनुरोध किया है कि सऊदी अरब को हथियार सप्लाई के सभी लाइसेंसों को रद्द कर दिया जाए और नए लाइसेंसों को जारी ना किया जाये ताकि यह हथियार यमन में प्रयोग ना हो सकें।
जंग विरोधी इस संगठन के कार्यकर्ता एंड्रयू स्मिथ ने कहा कि सऊदी जेट्स ने बमबारी कर के यमन को बर्बाद कर दिया है अदालत का फैसला जो भी हो यह कार्य का समापन नहीं होगा थेरेसा को लोगों के मत का सम्मान करते हुए सऊदी अरब से अपने खतरनाक फौजी सम्बन्धों पर रोक लगानी होगी।
यमन पर सऊदी अतिक्रमण के आरम्भ से ही ब्रिटेन ने सऊदी अरब को ३/३ मिलियन पौंड से ज़्यादा के जेट्स, बम, मिसाइल और दूसरा फौजी साज़ो सामान बेचा है। ज्ञात रहे की यमन पर सऊदी अतिक्रमण में अभी तक ११४०० से ज़्यादा लोग मारे गए है जिसमे अधिकतर आम जनता थी।
6 फ़रवरी 2017 - 07:18
समाचार कोड: 809763
जिस समय ब्रिटेन की प्रधानमंत्री हथियार निर्यात को बढ़ावा देंने की नीति पर काम कर रही है ब्रिटेन की ६२% जनता ब्रिटेन के सबसे बड़े हथियार के खरीदार को हथियार बेचने की पक्षधर नहीं है।